‘राहुल गाँधी शादी करें… वो भी दलित लड़की से, महात्मा गाँधी का सपना पूरा करें’ – रामदास अठावले

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रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) चीफ व केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले अक्सर सदन में अपने मजाकिया अंदाज के कारण चर्चा में रहते हैं। अब अठावले ने राहुल गाँधी को ‘हम दो-हमारे दो’ पर सुझाव दिया है। साथ ही अठावले ने अपने इस सुझाव के साथ राहुल गाँधी को महात्मा गाँधी का ‘सपना’ पूरा करने की नसीहत भी दे डाली है।

दरअसल कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना ‘हम दो, हमारे दो’ के जरिए निशाना साध रहे हैं। राहुल गाँधी ने सदन में भी ‘हम दो, हमारे दो’ का नारा दिया। अब राहुल को आरपीआई चीफ रामदास अठावले ने सलाह दी है।

केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा, “हम दो, हमारे दो का नारा परिवार नियोजन के लिए इस्‍तेमाल किया जाता था। यदि वे (राहुल गाँधी) इसका प्रचार करना चाहते हैं तो उन्‍हें शादी जरूर करनी चाहिए। उन्‍हें दलित लड़की से शादी करना चाहिए और जातिवाद को दूर भगाने का राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गाँधी का सपना पूरा करना चाहिए। इससे युवाओं को प्रेरित किया जा सकता है।”

वहीं इससे पहले एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गाँधी के हम दो हमारे दो नारों का अर्थ उन्हें समझा दिया था। नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि ‘हम दो-हमारे दो’ का नारा राहुल गाँधी के परिवार का ही बनाया हुआ है। वे इसी का पालन करते हैं। ‘हम दो’ का अर्थ है, माँ और बेटा और ‘हमारे दो’ का मतलब दीदी और बहनोई। नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि वो दो हो गए और उनके दो हो गए। यही बात वह कह नहीं पा रहे हैं तो उसको आप इस अर्थ में निकालिए तो यह सामरिक और सार्थक दिखेगा।

दरअसल, लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गाँधी ने किसान आंदोलन का मुद्दा उठाया और केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने ने कहा कि सालों पहले फैमिली प्लानिंग के लिए नारा था ‘हम दो हमारे दो’। जैसे कोरोना दूसरे रूप में आया है, वैसे ही यह नारा दूसरे रूप में आया है। आज इस देश को 4 लोग चलाते हैं। उन्होंने आगे कहा, “नाम सब जानते हैं। ये किसकी सरकार है- हम दो हमारे दो।”

रामदास अठावले ने इसी के साथ झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को लेकर उन्होंने कहा, “मेरी पार्टी नरेंद्र मोदी और BJP के साथ NDA में है। मैंने शिबू सोरेन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है कि अगर वे भी NDA में आते हैं, तो यहाँ भी सरकार झारखंड मुक्ति मोर्चा और BJP की रहेगी। दिल्ली में भी उनको सत्ता मिल सकती है।” उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है और उन्हें इसके बारे में सोचना चाहिए।

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