क्यों खौला हिन्दुओं का खून: गोधरा कांड 59 कारसेवकों को ट्रैन में जिन्दा जला दिया गया.

Spread the love

 

गोधरा कांडः 27 फरवरी को लगी थी साबरमती एक्सप्रेस की बोगी में आग, अगले 3 दिन तक गूंजती रहीं गुजरात की हवा में चीखें

19 साल पहले 27 फरवरी 2002 को गुजरता के गोधरा में 59 लोगों की आग में जलकर मौत गई. इसके कुछ घंटे के बाद मामला अशांत होने लगा. शाम होते-होते गोधरा ट्रेन की इस घटना ने गुजरात में दंगों का रूप ले लिया और भारतीय राजनीति के इतिहास के चेहरे पर बदनुमा दाग दे गया. अगले तीन दिन तक गुजरात जलता रहा. आग की लपटें, हवा में काले धुएं और लोगों की चीखें गूंजती रही. तीसरे दिन दंगों को काबू करने के लिए सेना उतारनी पड़ी थी.


27 फरवरी 2002, सुबह करीब 6 बजे साबरमती एक्सप्रेस दाहोद रेलवे स्टेशन पहुंची. इस ट्रेन से हजारों कारसेवक अयोध्या से लौट रहे थे. साबरमती एक्सप्रेस के दाहोद पहुंचते ही एक मुस्लिम चायवाला ट्रेन के एक डिब्बे में चढ़ने की कोशिश करता है. उसे चढ़ने से रोका जाता है. इसकी वजह से यात्री और चायवाले के बीच झगड़ा हुआ और कहा जाता है कि इस घटना के बाद वह चायवाला दाहोद से गोधरा फोन कर देता है. दाहोद से करीब डेढ़ घंटे के सफर के बाद साबरमती एक्सप्रेस चार घंटे की देरी से गोधरा स्टेशन पहुंचती है.
साबरमती एक्सप्रेस में लगी आग की न्यायिक जांच के लिए नानावटी आयोग का गठन हुआ था. अपनी रिपोर्ट में आयोग ने साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में लगी आग को सोची-समझी साजिश ठहराया था.
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जब ट्रेन स्टेशन से रवाना होने लगी, तब ट्रेन की इमरजेंसी चेन खींची गई और अचानक से जमा हुई भीड़ ने ट्रेन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए और कोच नंबर एस-6 में आग लगा दी. जिसमें सबसे अधिक कार सेवक सवार थे. 27 फरवरी, 2002 भारत के इतिहास का एक काला अध्याय है, जिसने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की भावना को आग लगा दी थी.

करीब एक दशक तक चली जांच और लंबी सुनवाइयों के बाद 2011 की फरवरी में अदालत ने इस मामले में 31 लोगों को दोषी ठहराया और 63 लोगों को रिहा कर दिया. दोषियों में से 11 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई. हालांकि जांच में जिस मौलवी सईद उमरजी की ओर मुख्य साजिशकर्ता होने का संकेत किया गया, वे रिहा हो गए.

11 दिसंबर 2019 को अंतिम रिपोर्ट:

गुजरात विधानसभा में दंगों की जांच कर रहे नानावती आयोग की 1500 से अधिक पन्नों की अंतिम रिपोर्ट रखी गई. रिपोर्ट में कहा गया कि जांच में ऐसे कोई भी सबूत नहीं मिले, जो ये साबित करे कि राज्य सरकार या उसके मंत्रियों की इस दंगे में कोई भूमिका थी. आयोग ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली तत्कालीन गुजरात सरकार को अपनी रिपोर्ट में क्लीन चिट दी.

ट्रेन में सवार लोग हिंदू तीर्थयात्री थे और अयोध्या से लौट रहे थे घटना के बाद गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी और जानोमाल का भारी नुकसान हुआ। हालात इस कदर बिगड़े कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जनता से शांति की अपील करनी पड़ी.

साल के दूसरे महीने का 27वां दिन एक दुखद घटना के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज है। दरअसल 27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा स्टेशन से रवाना हुई साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में उन्मादी भीड़ ने आग लगा दी। इस भीषण अग्निकांड में 59 लोगों की मौत हो गई. अहमदाबाद को जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस गोधरा स्टेशन से चली ही थी कि किसी ने चेन खींचकर गाड़ी रोक ली और फिर पथराव के बाद ट्रेन के एक डिब्बे को आग के हवाले कर दिया गया.




देश दुनिया के इतिहास में 27 फरवरी की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है.

1- 1854 : झांसी पर ईस्ट इंडिया कंपनी का कब्जा.
2- 1931 : देश के महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद ने ब्रिटिश पुलिस के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में खुद को गोली मार ली.
3- 1953 : अंग्रेजी भाषा को आने वाली पीढ़ियों के लिए आसान बनाने के इरादे से ब्रिटेन की संसद में ‘स्पैलिंग बिल’’ का प्रस्ताव पेश किया गया.
4- 1991 : अमेरिका के राष्ट्रपति जार्ज बुश ने फारस खाड़ी युद्ध में जीत दर्ज करने की घोषणा के साथ ही युद्धविराम का ऐलान किया। अगस्त 1990 में इराक द्वारा कुवैत पर हमले के बाद यहां अमेरिका ने दखल दिया था.
5- 1999 : नाइजीरिया में 15 साल में पहली बार असैन्य शासक चुनने के लिए मतदान, बड़ी संख्या में लोग वोट डालने पहुंचे.
6- 2002 : गुजरात के अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस को भीड़ ने गोधरा स्टेशन पर आग के हवाले किया, 59 कार सेवकों की मौत 7- 2009 अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऐलान किया कि इराक से अगस्त 2010 तक तमाम लड़ाकू सेनाओं को हटा लिया जाएगा और शेष सैनिक 2011 के अंत तक घर लौट जाएंगे.
8- 2010 : चिली में 8.8 की तीव्रता का भीषण भूकंप और सुनामी से तटीय इलाकों में भारी तबाही। इसे पिछले 50 साल में इलाके का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया गया.

About The Author

Leave Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *