गौतम से बुद्ध कि यात्रा : राजीव
मन शुद्ध हुआमन बुद्ध हुआ । मन राजीव कबीर हो गयागौतम बन नानक बन झूमामन राजीव महावीर हो गया । राजीव जायसवाल Chartered Accountant, Delhi
मन शुद्ध हुआमन बुद्ध हुआ । मन राजीव कबीर हो गयागौतम बन नानक बन झूमामन राजीव महावीर हो गया । राजीव जायसवाल Chartered Accountant, Delhi
नयन जल से मैं पखारूँ पाँव तेरेकर कृपा मुझ पर कृपालु देव मेरे ।हे परमात्मा , मैं आप को फल फूल , रूपया पैसा कया अर्पण करूँ । सब कुछ तेरा ही तो है । मेरा तो कुछ भी नहीं है । तुम देवनह्रार हो , हर पल दिए जाते हो और मैं लिए जाता…
रैना तो बीती भलीदिन का रखियो ख़यालऐसा न कुछ हो प्रभुजी का हो जंजाल । हे परमात्मा , तू मेरे पल पल का पालनहार है , रक्षक है । हे परमात्मा , रात तो सुख से बीत गई । अब सवेरा आ गया है । नए दिन की शुरूआत है । हे मेरे माधव ,…
मन मेरा न हो सकासंग मेरे दिन रैनतेरा कैसे हो गयाये सोचूँ बेचैन ।मन कया है । कहाँ रहता है । कैसा होता है ।यह प्रश्न मैंने कई बार अपने से किया । सब बोलते हैं मन के बारे में । मन ख़ुश है , मन दुखी है , मन बेचैन है , मन प्रेम…
तुमरी शरण तुम्हारी आसतुमरे बिन न कोई साथ । हे माधव गिरधर गोपाल पल पल की तुम राखो पाल । ह्रदय बसो ह्रदय के स्वामीघट घट के प्रभ अंतरयामी । श्वास श्वास सिमरूं तेरो नामराखो शरण मेरे घन श्याम । तुमरे बिन कोई ओर न छोरतुम मेघा हम तुमरे मोर । ————————राजीव जायसवाल, CA DELHI
अमृत की वर्षा हुईभीगे अंग प्रत्यंगमाधव जब लिपटा लिएमोहे लगा कर अंग । राजीव जायसवाल, CA. DELHI वह पल , वह वेला जब हम साक्षी भाव से भर गए , जिस पल हम ने परम सत्य से , परम प्रकाश से साक्षात्कारः कर लिया , जिस पल हम ने यह जान लिया कि हम शरीर…
कल का पता न पल का पता हैभागा भागा फिरता हैजाती साँस आए न आएफिर भी मैं मैं करता है । यक्ष ने युधिष्ठिर से प्रश्न किया कि सब से बड़ा आश्चर्य कया है । युधिष्ठिर ने जवाब दिया कि सब से बड़ा आश्चर्य यह है कि हर व्यक्ति यह जानता है कि जीवन में…