cat, stretch, cat paws
कभी कभी आदमी इतराता बहुत है, होता कुछ नहीं पर दिखाता बहुत है। झूठी शानोशौकत में जीना चाहता है, भेद खुल जाने पर वह शर्माता बहुत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *