Author: अशोक चौधरी "प्रियदर्शी"

सीमांचल से उभरता नेतृत्व : क्या डॉ. दिलीप जायसवाल बिहार भाजपा के सबसे सशक्त मुख्यमंत्री चेहरे बन सकते हैं?

©️ आचार्य अशोक चौधरी प्रियदर्शी कटिहार, बिहार भारतीय राजनीति में नेतृत्व का उदय केवल पद या सत्ता से निर्धारित नहीं होता, बल्कि सामाजिक स्वीकार्यता, संगठनात्मक क्षमता, वैचारिक प्रतिबद्धता और प्रशासनिक दक्षता के सम्मिलित प्रभाव से होता है। बिहार की राजनीति में भी समय‑समय पर ऐसे नेता उभरे हैं जिन्होंने अपने क्षेत्रीय आधार से आगे बढ़कर…

बिहार बदल रहा है’ विकास, विश्वास और सामाजिक पुनर्जागरण की व्यापक गाथा: अशोक चौधरी प्रियदर्शी

बिहार बदल रहा है — विकास, विश्वास और सामाजिक पुनर्जागरण की व्यापक गाथा आचार्य अशोक चौधरी प्रियदर्शी* प्रस्तावना : धारणाओं से वास्तविकता तक बिहार की चर्चा जब भी राष्ट्रीय स्तर पर होती है तो उसके साथ इतिहास का गौरव, सामाजिक संघर्ष, राजनीतिक चेतना और आर्थिक चुनौतियाँ एक साथ जुड़ जाती हैं। कभी यह भूमि विश्वगुरु…

अटूट निष्ठा: जब शोक की लहरों पर भारी पड़ा संगठन सर्वोपरि का संकल्प – संजय सरावगी

दरभंगा। राजनीति में पद और प्रतिष्ठा तो बहुत लोग पाते हैं, लेकिन संजय सरावगी जैसे व्यक्तित्व बिरले ही होते हैं जो अपने आचरण से ‘सेवा’ की नई परिभाषा लिख देते हैं। 22 फरवरी 2026 की वह घड़ी, जब पूरा दरभंगा उनकी पूज्य माता जी के निधन के शोक में डूबा था, सरावगी जी ने एक…

राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक आयोग की स्थापना: संवैधानिक दायित्व, सामाजिक न्याय और गरिमामय वृद्धावस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय संकल्प: अशोक प्रियदर्शी

*राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक आयोग की स्थापना: संवैधानिक दायित्व, सामाजिक न्याय और गरिमामय वृद्धावस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय संकल्प* *©आचार्य अशोक चौधरी प्रियदर्शी* कटिहार बिहार भारतीय सभ्यता की आत्मा में यदि किसी मूल्य को सबसे अधिक प्रतिष्ठा मिली है तो वह है—वृद्धजनों का सम्मान। हमारे पारंपरिक जीवन में आयु केवल जैविक अवस्था नहीं थी;…

नौटंकी के शोर में नीति की आवाज़ : बंगाल की राजनीति और भाजपा की असली चुनौती

पश्चिम बंगाल की राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि मनोविज्ञान, प्रतीक, भावनात्मक उभार और बौद्धिक वर्चस्व की जटिल प्रयोगशाला है। यह वह प्रदेश है जहाँ राजनीति सड़क पर उतरकर कविता बन जाती है और कविता सत्ता की भाषा बोलने लगती है। इसी धरातल पर ममता बनर्जी ने अपनी राजनीति को गढ़ा—आंदोलनकारी मुद्रा, निरंतर संघर्ष,…

डॉ. कांशी प्रसाद जायसवाल : भारतीय इतिहास, विधि-व्यवस्था और संस्कृति के अमर शिल्पकार — भारत रत्न के सर्वोच्च दावेदार: अशोक चौधरी प्रियदर्शी

  डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल : भारतीय इतिहास, विधि-व्यवस्था और संस्कृति के अमर शिल्पकार — भारत रत्न के सर्वोच्च दावेदार शोध लेखक *© आचार्य अशोक कुमार चौधरी* डॉ. कांशी प्रसाद जायसवाल (1881–1937) भारत के उन महान मनीषियों में अग्रगण्य हैं जिन्होंने भारतीय इतिहास, राजनीति, विधि, प्रशासन, अर्थव्यवस्था तथा सांस्कृतिक परंपराओं को वैज्ञानिक पद्धति से पुनर्स्थापित…

कटिहार : अंगदेश की ऐतिहासिक धरोहर से आधुनिक जिला तक: अशोक प्रियदर्शी

कटिहार : अंगदेश की ऐतिहासिक धरोहर से आधुनिक जिला तक 📜 महाभारतकालीन अंगदेश और कर्ण भारत के इतिहास में अंगदेश (वर्तमान बिहार का भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया और कटिहार क्षेत्र) का विशेष स्थान है। महाभारत में अंगराज कर्ण का राज्य अंगदेश ही था, जिसकी राजधानी चंपापुरी (आज का भागलपुर) थी। कर्ण केवल युद्ध–वीर ही नहीं, बल्कि…

भारतवर्ष का अंधकार-युगीन इतिहास: अशोक चौधरी प्रियदर्शी

– भारतवर्ष का अंधकार-युगीन इतिहास ✍️ डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल की दृष्टि से 📍 प्रस्तावना भारतीय इतिहास में 150 ईस्वी से 350 ईस्वी तक का कालखंड प्रायः “अंधकार-युग” (Dark Age) कहा जाता है। इस अवधि को “अंधकार” इसलिए माना गया क्योंकि न तो इस समय कोई विशाल अखिल भारतीय साम्राज्य विद्यमान था और न ही…

जायसवाल समाज के राष्ट्रीय गौरव श्रीपद येस्सो नायक : अशोक चौधरी प्रियदर्शी

  🌞 श्रीपद येस्सो नायक : 🌞 “ साधारण से असाधारण बनने की प्रेरक गाथा” 🌞 अध्याय 1 : जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि श्रीपद येस्सो नायक का जन्म 4 अक्टूबर 1952 को गोवा राज्य के उत्तरी गोवा जिले के आदपई (Adpai) गाँव में हुआ। पिता : श्री येस्सो भिकारी नायक माता : श्रीमती जयंश्री नायक…