रिवर्स मॉर्गेज :बुजुर्गो की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदर्श ऋण विकल्प, जानिये वो सब कुछ जो आप जानना चाहते है

आप तौर पर एक व्यक्ति अपनी जिंदगी में घर अपनी सुख सुविधाओ की पूर्ति और जीवन के अंतिम समय में सुरक्षा और देखभाल के लिए बनाता है । पर जीवन की भाग दौड़ में कभी कभी अपने भी साथ छोड़ देते है और जीवन में ऐसे समय में उनकी कमी तो खलती ही है पर साथ साथ आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है

ऐसे समय में यदि कोई चाहे की जीवन पर्यन्त धन की कमी नही आवे और उनकी आवश्कता पूरी हिताय रहे साथ ही वह चाहते हैं कि उनकी मृत्यु के बाद उनके घर का बंदोबस्त हो जाए तो यह योजना उनके लिए श्रेष्ट है ।

इसके बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं। संपत्ति से मुक्ति
अधिकांश भारतीय अपने जीवनकाल में एक घर बना पाते हैं और कई के लिए यह उनकी सबसे बड़ी वित्तीय संपत्ति होती है। बहुत से बुजुर्ग मूल्यवान संपत्ति के बावजूद खुद को कठिन वित्तीय स्थिति में पाते हैं। घर बेचना आसान नहीं होता और कई बार लोग अपने घर से इतने भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं कि वे बुढ़ापे में अपने जीवन-स्तर के साथ समझौता करने को तैयार होते हैं, पर अपने घरों को छोड़ना नहीं चाहते हैं।

रिवर्स मॉर्गेज की अवधारणा…

रिवर्स मॉर्गेज की अवधारणा पहली बार सरकार ने 2007-08 के केंद्रीय बजट में पेश की थी। सीधे शब्दों में कहें, तो रिवर्स मॉर्गेज आवास ऋण के बिल्कुल विपरीत है। एक नियमित आवासीय ऋण के विपरीत (जिसमें आप ऋण लेकर एक घर खरीदते हैं और घर के स्वामित्व से पहले पूरी तरह से ऋण की पूरी अवधि तक ईएमआई का भुगतान करते हैं) रिवर्स मॉर्गेज के मामले में वरिष्ठ नागरिक, जो एक घर या संपत्ति के मालिक हैं।

लेकिन उनके पास आय के नियमित स्रोत का अभाव है, वे अपनी संपत्ति को ईएमआई की तरह धन के नियमित प्रवाह के लिए रिवर्स मॉर्गेज ऋण देने वाली वित्तीय संस्था के पास गिरवी रख सकते हैं। ध्यान रखें कि वित्तीय संस्था को रिवर्स मॉर्गेज का विकल्प अपनाने वाले वरिष्ठ नागरिक की मृत्यु के बाद संपत्ति को बेचने का अधिकार होता है, इस योजना के तहत कोई भी बकाया अतिरिक्त धन उसे बुजुर्ग के कानूनी उत्तराधिकारियों को भुगतान करना पड़ता है।

अन्य किसी भी ऋण की तरह इस ऋण को चुनते समय भी प्रोसेसिंग फी एवं अन्य शुल्क लागू होते हैं। रिवर्स मॉर्गेज कई प्रकार के होते हैं, जिसमें एक निश्चित अवधि तक नियमित रूप से भुगतान करने वाले होते हैं और कुछ ऐसे भी होते हैं, जो घर के स्वामी की मृत्यु से जुड़े होते हैं।

इसलिए बीस साल के नियमित रिवर्स मॉर्गेज के मामले में यह बीस साल में खत्म हो जाता है, चाहे घर का मालिक जीवित रहे अथवा नहीं और संपत्ति स्वतः कर्जदाता को हस्तांतरित हो जाती है। वार्षिक भुगतान करने वाले रिवर्स मॉर्गेज में संपत्ति का हस्तांतरण घर के मालिक के निधन के बाद ही होता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श विकल्प

रिवर्स मॉर्गेज उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श विकल्प है, जिन्हें किसी दूसरे पर निर्भर रहे बिना अपनी पेंशन के पूरक के रूप में नियमित आय की आवश्यकता होती है। यह उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जो अपने जीवन काल में घर के वित्तीय मूल्य का उपयोग करना चाहते हैं। सुविधा के बावजूद रिवर्स मॉर्गेज बहुत लोकप्रिय नहीं है और इस तरह का ऋण देने वाले संस्थान कम हैं।

समृद्ध वरिष्ठ नागरिक, इस योजना का विकल्प चुनकर एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। मालिक की तरह वह अपनी मर्जी से अपने घर में रहने का आनंद ले सकते हैं और अपने जीवन के बाद अपने बच्चों को संपत्ति का वित्तीय मूल्य भी हस्तांतरित कर सकते हैं। चूंकि उनके बच्चों के भारत लौटने और रुड़की में बसने की संभावना नहीं है; अपने घर को किराये पर देने और ऐसा कोई अन्य विकल्प अपनाने से बेहतर है कि वह उसका वित्तीय उपयोग करें।

एडवोकेट प्रताप सिंह सुवाणा
मो. 94130 95053

One thought on “वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श विकल्प”
  1. एडवोकेट प्रताप सिंह सुवाणा के”रिवर्स मॉर्गेज”के विस्तार से जानकारी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद्।यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए सही में एक आदर्श विकल्प है।
    प्रशांत कुमार घोष,मधेपुरा।

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