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अंतर  संघर्ष का                                                 

  यह कहानी किसी मोटिवेशनल स्पीच में सुनी थी। आपके लिए यहां बहुत ही संक्षिप्त में प्रस्तुत की गई है। इसको पढ़कर आपकी आंखे खुल जाने वाली है। यह कहानी एक ऐसे कुत्ते की है तो खरगोश को खाने के लिए दौड़ता है।

छोटे से जंगल में एक कुत्ता और एक खरगोश था। खरगोश को देखते ही कुत्ता उसके पीछे दौड़ा। खरगोश भी कूदकर भागने लगा। दोनों में बहुत देर तक दौड़ चलती रही। कुत्ता पीछे और खरगोश आगे। दोनों की दौड़ते-दौड़ते सांसें फूल गई थीं। आखिरकार खरगोश एक छोटे से बिल में घुस गया।

कुछ देर बाद खरगोश ने बिल से अपना चेहरा बाहर निकाला तो देखा कि कुत्ता जुबान निकालकर हांफ रहा है। हांफते हुए कुत्ते ने खरगोश से पूछा- ‘भाई, एक बात बताओ। मैं शरीर में तुमसे बड़ा और ताकतवर, दौड़ने में भी तुमसे तेज लेकिन फिर भी तुम मुझसे भी तेज भागते हुए बच गए। आखिर ऐसा कैसे तुमने किया?’

खरगोश से कहा, ‘भाई, तुम में और मुझ में बस उद्देश्य का फर्क था। तुम अपने लंच के लिए दौड़ रहे थे और मैं अपनी लाइफ के लिए।’

मित्रों, अधिकतर लोग नौकरी या धंधा अपने लंच और डिनर के लिए ही कर रहे हैं। जिस दिन आपने अपना उद्देश्य बदल दिया, उस दिन आपकी सभी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।

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