सीमांचल के गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबड़ा गया हैं विपक्ष

डॉ. दिलीप जायसवाल, भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष, एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने सीमांचल के लोगों के दिलों में अपनी विशेष जगह बनाई है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे लगातार विधान परिषद के चुनाव जीतते रहे हैं और सर्वाधिक मतों से जीतने वाले सदस्य बने हैं।
डॉ. जायसवाल की सबसे बड़ी पहचान उनकी सामाजिक गतिविधियों से है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के माध्यम से न केवल स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा दिया है, बल्कि जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा भी प्रदान की है। उनके इस प्रयास से सीमांचल के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
इसके अलावा, डॉ. जायसवाल ने अल्पसंख्यक समाज, वैश्य समाज और अन्य जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी कई कदम उठाए हैं। उन्होंने सीमांचल के विकास के लिए काम किया है और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को समझने की कोशिश की है।
डॉ. जायसवाल की छवि एक जननेता की है, जो हर जाति और मजहब के लोगों के साथ जुड़ते हैं और उनकी समस्याओं को समझते हैं। किशनगंज जैसे अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र से उनकी जीत इस बात का प्रमाण है कि वे सीमांचल के गांधी के रूप में जाने जाते हैं।
विरोधियों के लिए डॉ. जायसवाल एक आंधी हैं, जो उनकी बेबुनियाद आरोपों को हवा में उड़ा देते हैं। उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उनकी छवि खराब करने के लिए लगाए गए हैं। बिहार की जनता समझदार है और वह ऐसे नेताओं के बहकावे में नहीं आएगी जो रातोंरात प्रसिद्धि पाना चाहते हैं।
डॉ. दिलीप जायसवाल के समर्थन में बिहार की जनता एकजुट है और उनके साथ खड़ी है। उनकी नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक सच्चे नेता के रूप में स्थापित करती है। सीमांचल के गांधी के रूप में डॉ. जायसवाल ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है और वह आने वाले समय में भी सीमांचल के लोगों की सेवा करते रहेंगे।
अशोक चौधरी “प्रियदर्शी”