कमाल की बात है कि जब तक भारत की एफएमसीजी पर हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड और प्रॉक्टर एंड गैंबल का एक छत्र कब्जा था तब आप लोगों को चिंता नहीं हुई…
वह तो अच्छा था कि करसन भाई पटेल ने साइकिल चला चला कर इनके एकछत्र राज को खत्म कर दिया…
जब टूथपेस्ट बाजार पर कोलगेट का कब्जा था और एक ही दशक में तीन बार कोलगेट में हमें पागल बेवकूफ बनाया।
1.- पहले कोलगेट कहती थी : “क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है”
2.- फिर यही कोलगेट कहती है “यदि टूथपेस्ट में नमक है तो वह नुकसान देह है”
3.- कभी यही कोलगेट कहती थी कि कोयला दांतो के लिए नुकसान है। अब यही कोलगेट कह रही है कि क्या आपके टूथपेस्ट में चारकोल है? हमें बिल्कुल … समझा है।
कभी यही कोलगेट भारतीय आयुर्वेद का मजाक बनाती थी, और आज यही कोलगेट ‘वेद शक्ति’ के नाम से टूथपेस्ट निकाल रही है। और जब एक पिछडी जाति के व्यक्ति बाबा रामदेव ने इस पूरे बाजार पर कब्जा कर लिया तब आप लोगों के पेट में दर्द होने लगा…?
जब न्यूट्रिएंट्स सप्लीमेंट बाजार पर अमेरिका की कंपनियों का कब्जा था तब आप लोगों को चिंता नहीं हुई। जब काफी बाजार पर नेस्ले का एकछत्र राज था तब आप लोगों को चिंता नहीं होती…
अब जब भारतीय कंपनियां आगे बढ़ रही है तब आप लोगों को चिंता हो रही है। कितनी ओछी देशभक्ति है आपकी ?
वास्तव में तो ये है भारत में सबके लिए व्यापार करने के समान अवसर हैं। भारत में वह कंपनी पिछड़ जाएगी जो अपने ग्राहकों को अच्छी सेवा अच्छी सुविधा सही दामों पर नहीं देगी।
अगर सब जगह अंबानी अडानी की मोनोपोली होती तो आज भी भारत में ऐसे कई स्टार्टअप हैं जो बहुत तेजी से तरक्की कर रहे हैं। एक बार मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों के नाम देखिए। और यह भी देखिए कि वह कंपनियां कितनी तेजी से तरक्की कर रही हैं। बहुत से ऐसे फील्ड हैं जिसमें बड़े-बड़े नाम टिक नहीं सके।
बैटरी का एक उदाहरण लीजिए टाटा जैसा बड़ा नाम बैटरी फिल्ड में नहीं टिक सका लेकिन आंध्र प्रदेश का एक युवक जयदेव गाला अपने पिता से दो लाख रु लेकर व्यापार शुरू किया और उसने जब अमारा राजा बैटरीज लिमिटेड कंपनी बनाई और एमरान के नाम से बैटरी लांच किया तब उसने पूरे भारत की बैटरी मार्केट पर कब्जा कर लिया और एक्साइड जैसी स्थापित कंपनी और टाटा जैसा स्थापित ब्रांड नेम को पीछे छोड़ दिया।
टाटा जैसा ब्रांड नेम भी एमरान का कुछ नहीं बिगाड़ सकी क्योंकि ग्राहक को अच्छी क्वालिटी अच्छी प्राइस अच्छी सेवा चाहिए ब्रांड नेम नहीं।
आज बहुत सी ऐसी भारतीय कंपनियां हैं जो बहुत तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
50/60 वर्ष पहले यह वामपंथी हमें टाटा बिरला के नाम से डराते थे और अब आप लोग हमें अंबानी और अडानी के नाम से डराते हो 10/20 साल के बाद आप लोग किसी और के नाम से डराओगे…?
अभी किसी फोटो में देखा अहमदाबाद के एक पिज़्ज़ा सेंटर में पिज्जा लेने के लिए इतनी लंबी लंबी लाइन लगी है… कम से कम दो घंटे की वेटिंग…
सबसे सस्ता पिज़्ज़ा 550 का है।
अगर आप पिज्जा का मूल्य निकाले तो दस का मैदा दस का चीज बीस की दूसरी तमाम चीजें दस का एनर्जी कॉस्ट और पचास के अन्य खर्चे यानी एक पिज़्ज़ा की अधिकतम लागत सो आती होगी और यह तमाम अमेरिकन कंपनियां चाहे वह डोमिनोज हो चाहे वह लापीनोज पिज्जा हो या अंकल सैम हो ये सब 550 में बेचती हैं। विदेशी हमें लूटते हैं तो किसी को तकलीफ नहीं होती, शर्म आनी चाहिए ऐसी घटिया देशभक्ति पर।
अभी तक किसी भी एक्सपर्ट ने इन कंपनियों के बारे में यह नहीं लिखा कि सो का पिज्जा 550 में क्यों बेचा जाता है ?
लेकिन यह घटिया और दोगले लोग अपने ही भारत के अंबानी पतंजलि और अडानी के कंपनी के बिकने वाले हर चीज का इस तरह से मूल्य निकालते हैं जैसे इनसे बड़ा एक्सपर्ट इस धरती पर कोई नहीं है। बेशर्मी की हद है यह तो…
मोदी जी ने पिछले छह साल में क्या क्या नहीं किया? हम सब के लिए, देश के लिए, लेकिन मिट्टी में गर्दन गड़ाए शुतुरमुर्ग बने स्वार्थी हरामखोरों को सिर्फ मुफ्त की बन्द हुई मलाई को दोबारा बहाल करने के लिए सिर्फ और सिर्फ मोदी को हटाना है। चाहे कीमत कोई भी चुकानी पडे़ देश को…
देश जल जाए देश बिक जाए पर फ्री की मलाई जरूर मिलनी चाहिए चाहे वो मलाई दुश्मन देश ही क्यो ने दे…?
नोटबन्दी कर दी GST लागू कर दी,
सभी के जनधन खाते खोल दिये,
आयुष्मान भारत लागू कर दिया,
धारा 370 हटा दी, राम मंदिर निर्माण चालू करवा दिया, शोचालय बनवा दिए, घर बनवा रहे है, स्वच्छ भारत मिशन सफल हो रहा है, दुनियां की सबसे ऊंची मूर्ती बनवा दी, चीन पाक की कमर तोड़ दी…
और उधर एडविना चाची के पालतू कुत्तो के वंशज पिछले साठ साल से “गरीबी हटाओ” की पीपनी बजा रहे हैं। अंत मे इतना ही कहना चाहूंगा दोस्तो एक सिस्टम के तहत शत्रुओं में भय होना चाहिये, और जबर भय होना चाहिए।
जिस मुहं से खाते हैं उसी से हगते फिरते गन्द मचाते सुअरों में भय का खत्म होना ही सब बीमारियों की जड़ है…
मार्ग कोई भी हो वर्तमान में हो रही घटना से शिक्षा लेनी चाहिए मोदी जी को और जहां तक समझता हूं…
मोदी जी के संज्ञान में भी है…
भीषण दंड देना सीखो अपनी उदारता का कोष देश के दुश्मनों पर लुटाना बंद करो…
देश की लीडरशिप में अब योद्धाओं वाल रक्त होना चाहिए… कूट नीति…
लाग लपेट और टेबल टॉक जैसी बातें करना बंद करो।
जो मृत्यु को जन्नत का दरवाज़ा मानते हैं उन आतंकियों को जन्नत के दरवाज़े तक छोड़कर आना तुम्हारा फर्ज है…
देशप्रेमियों अपना कर्तव्य को समझो… वन्दे मातरम्
अशोक चौधरी "प्रियदर्शी"
Ashok Kumar Choudhary is a retired banker who has wide experience in handling rural banking, agriculture and rural credit. He is also a Trade Unionist and has held a leadership position in Bharatiya Mazdoor Sangh, trade wing of RSS and formaly he has been the chairman of Regional Advisory Committe, DT National Board of Workers Education. He in past he hold the post of Joint State President of National Human Rights Organization.