क्या है RSS: पिताजी की डायरी से

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक श्री बालासाहब देवरस ने अपने स्वास्थ्य कारणों से सरसंघचालक पद का त्याग कर, सरसंघचालक का दायित्व प्रो. रज्जू भैया को सौंप दिया था. इसी बीच उस समय के कम्युनिष्ट […]

जीवनी: स्वामी विवेकानंद-अशोक चौधरी

स्वामी विवेकानन्द वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उनका जन्म : १२ जनवरी १८६३ उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् १८९३ में आयोजित विश्व धर्म महासभा […]

स्ट्रीट वेंडर्स: असुविधा और अभावों के बीच असुरक्षित भविष्य की दुनिया- अशोक चौधरी

  किसी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, स्थानीय बाजार या सड़क किनारे खड़े होकर या फेरी लगाकर दिन-प्रतिदिन के कार्यों में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को बेचकर आजीविका चलाने वाले पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) से हम सभी का […]

क्यों रहता था किसी खास औद्योगिक घराने पर सरकार की कृपा ?

  किसी सरकार का किसी उद्योगपति या औद्योगिक घराने का दलाल बन जाना इसे कहते हैं.कृपया ध्यान से पढ़िए… उल्लेखनीय है कि आजादी के बाद केन्द्र समेत देश की सभी राज्य सरकारों द्वारा केवल एम्बेसेडर […]

कम्युनिस्ट और विपक्ष नहीं चाहता हैं भारत आत्मनिर्भर बने: अशोक चौधरी

कमाल की बात है कि जब तक भारत की एफएमसीजी पर हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड और प्रॉक्टर एंड गैंबल का एक छत्र कब्जा था तब आप लोगों को चिंता नहीं हुई…वह तो अच्छा था कि करसन […]

कम्युनिस्ट कभी शर्मिंदा नहीं होता: अशोक चौधरी

कम्युनिस्ट कभी शर्मिंदा नहीं होता… चाहे उसके मुंह पर कितनी ही कालिख मल दी जाए भारत के कम्युनिस्टों को दिन में 24 घंटे… सोते-जागते… सांस लेते.. सिर्फ यही ख्याल रहता है कि भारत में अभिव्यक्ति […]

क्या कहता है स्वामीनाथन रिपोर्ट तथा कृषि संशोधन कानून: अशोक चौधरी

  किसानों की भलाई की बात सामने आते ही सबसे पहले स्वामीनाथन रिपोर्ट सभी के जहन में आती है. किसान संगठन हर बार स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की मांग करते रहे हैं. यहां समझें आखिर […]

वोकल फॉर लोकल: आत्मनिर्भर भारत के लिए आवश्यक कदम- अशोक चौधरी

  आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए स्थानीयता पर जोर देना होगा। यानी लोकल को वोकल होना पड़ेगा। आत्मनिर्भरता का अभियान पांच स्तंभों पर टिका होगा: अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, प्रणाली, जीवंत लोकतंत्र […]