Author: अशोक चौधरी "प्रियदर्शी"

जीवनी: स्वामी विवेकानंद-अशोक चौधरी

स्वामी विवेकानन्द वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उनका जन्म : १२ जनवरी १८६३ उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् १८९३ में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का वेदान्त अमेरिका और यूरोप के हर एक…

स्ट्रीट वेंडर्स: असुविधा और अभावों के बीच असुरक्षित भविष्य की दुनिया- अशोक चौधरी

  किसी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, स्थानीय बाजार या सड़क किनारे खड़े होकर या फेरी लगाकर दिन-प्रतिदिन के कार्यों में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को बेचकर आजीविका चलाने वाले पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) से हम सभी का सामना अक्सर होता है। ये वेंडर्स स्वरोजगार के माध्यम से न केवल अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं बल्कि उपभोक्ताओं को…

क्यों रहता था किसी खास औद्योगिक घराने पर सरकार की कृपा ?

  किसी सरकार का किसी उद्योगपति या औद्योगिक घराने का दलाल बन जाना इसे कहते हैं.कृपया ध्यान से पढ़िए… उल्लेखनीय है कि आजादी के बाद केन्द्र समेत देश की सभी राज्य सरकारों द्वारा केवल एम्बेसेडर कार ही खरीदी जाती रही. अन्य किसी भी कार की खरीद की अनुमति नहीं थी. इसके अलावा मुंबई को छोड़…

कम्युनिस्ट और विपक्ष नहीं चाहता हैं भारत आत्मनिर्भर बने: अशोक चौधरी

कमाल की बात है कि जब तक भारत की एफएमसीजी पर हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड और प्रॉक्टर एंड गैंबल का एक छत्र कब्जा था तब आप लोगों को चिंता नहीं हुई…वह तो अच्छा था कि करसन भाई पटेल ने साइकिल चला चला कर इनके एकछत्र राज को खत्म कर दिया… जब टूथपेस्ट बाजार पर कोलगेट का…

कम्युनिस्ट कभी शर्मिंदा नहीं होता: अशोक चौधरी

कम्युनिस्ट कभी शर्मिंदा नहीं होता… चाहे उसके मुंह पर कितनी ही कालिख मल दी जाए भारत के कम्युनिस्टों को दिन में 24 घंटे… सोते-जागते… सांस लेते.. सिर्फ यही ख्याल रहता है कि भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है । इनको हर 10 मिनट में दिमागी दौरे पड़ते हैं कि मोदी सरकार ने मीडिया का…

क्या कहता है स्वामीनाथन रिपोर्ट तथा कृषि संशोधन कानून: अशोक चौधरी

  किसानों की भलाई की बात सामने आते ही सबसे पहले स्वामीनाथन रिपोर्ट सभी के जहन में आती है. किसान संगठन हर बार स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की मांग करते रहे हैं. यहां समझें आखिर क्या थी वह स्वामीनाथन रिपोर्ट…कौन है स्वामीनाथन: प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन को देश में हरित क्रांति का जनक कहा जाता है.…

वोकल फॉर लोकल: आत्मनिर्भर भारत के लिए आवश्यक कदम- अशोक चौधरी

  आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए स्थानीयता पर जोर देना होगा। यानी लोकल को वोकल होना पड़ेगा। आत्मनिर्भरता का अभियान पांच स्तंभों पर टिका होगा: अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, प्रणाली, जीवंत लोकतंत्र और मांग। आत्मनिर्भरता का मतलब दुनिया से कनेक्शन तोड़ लेना नहीं है। बल्कि ऐसे उत्पाद जिसका टेक्नोलॉजी हमारे पास उपलब्ध…

क्यों बौखलाहट है नये कृषि कानून से – अशोक चौधरी

नए कृषि रिफॉर्म की जड़ क्या है और राजनेता इससे क्यों चिंतित हैं ? इसे सही ढंग से समझने के लिए इस विश्लेषण को पढ़ें। नई प्रणाली में, कृषिउपज के व्यापारियों को केंद्रीय_प्राधिकरण के साथ अपने PAN के साथ उन्हें पंजीकृत करना होगा। प्रथम स्तर का लेनदेन जो (किसान और व्यापारी के बीच) जीएसटी प्रणाली…