Author: नमस्ते Bharat

संस्मरण: रमेश उपाध्याय जी भाग ३

रमेश उपाध्याय, बनारस कोशी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक:भोगा यथार्थ – 2   ।।निवेदन–: जैसा कि शीर्षक  से ही स्पष्ट है ,मैं  बैक मे अपने यादगार  विगत क्षणों का पुनरावलोकन करने काप्रयास  कर रहा हूँ ।तथ्यों को संयमित कर बिना किसी को आहत किये मैं सहरसा मे बिताये सात वर्षों को एक बार फिर जीने का प्रयास कर…

बाज़ के बच्चे मुँडेरों पर नही उड़ते…

बाज पक्षी जिसे हम ईगल या शाहीन भी कहते है। जिस उम्र में बाकी परिंदों के बच्चे चिचियाना सीखते है उस उम्र में एक मादा बाज अपने चूजे को पंजे में दबोच कर सबसे ऊंचा उड़ जाती है। पक्षियों की दुनिया में ऐसी Tough and tight training किसी और की नही होती। मादा बाज अपने…

seagulls, gulls, birds

कहानी “निवाला”

निवाला बड़ी बेचैनी से रात कटी।बमुश्किल सुबह एक रोटी खाकर, घर से अपने शोरूम के लिए निकला।आज किसी के पेट पर पहली बार लात मारने जा रहा हूँ।ये बात अंदर ही अंदर कचोट रही है।ज़िंदगी में यही फ़लसफ़ा रहा मेरा कि, अपने आस पास किसी को, रोटी के लिए तरसना ना पड़े,पर इस विकट काल…