क्या है बजट के बारे में ये दिलचस्प बातें ?
आप जिस तरह अपने घर का बजट बनाते हैं, उसी तरह सरकार हर साल अपना बजट बनाती है. आम बजट में सरकार की आमदनी और खर्च का हिसाब-किताब होता है.
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में यूनियन बजट का उल्लेख वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में है. यूनियन बजट में सरकार की आमदनी और प्रस्तावित योजनाओं पर होने वाले खर्च का भी विवरण होता है.
केंद्रीय बजट को लागू करने से पहले उसे संसद के दोनों सदन (लोक सभा और राज्य सभा) में पारित करवाना जरूरी है.
आइये जानते हैं केंद्रीय बजट के बारे में दिलचस्प बातें:
1. बजट (Budget) की उत्पति: बजट शब्द वास्तव में लैटिन शब्द बुल्गा से लिया गया है. बुल्गा का अर्थ होता है चमड़े का थैला. इसके बाद यह शब्द फ्रांस की भाषा में बोऊगेट बना. इसके बाद थोड़े से अपभ्रंश के बाद अंग्रेजी में यह शब्द बोगेट या बोजेट बना. बाद में यही शब्द बजट बन गया.
2. भारत में बजट (Union Budget) की शुरुआत: भारत में पहला बजट ईस्ट इंडिया कंपनी के जेम्स विल्सन ने 18 फरवरी 1860 को पेश किया था. जेम्स विल्सन को भारतीय बजट (Budget) व्यवस्था का जनक भी कहा जाता है.
भारत में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले वित्त वर्ष की शुरुआत 1867 में हुई थी. इससे पहले तक 1 मई से 30 अप्रैल तक वित्त वर्ष होता था.
3. आजाद भारत का पहला बजट (Budget): स्वतंत्र भारत का पहला बजट (Budget) वित्त मंत्री आर के षणमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया. गणतंत्र भारत का पहला बजट (Budget) 28 फरवरी 1950 को जॉन मथाई ने पेश किया.
चेट्टी ने 1948-49 के बजट (Budget) में पहली बार अंतरिम (Interim) शब्द का प्रयोग किया. इसके बाद ही छोटी अवधि के बजट के लिए ‘अंतरिम'(Interim) शब्द का प्रयोग शुरू हुआ.
यह भी पढ़ें : कितना रह सकता है सरकार का राजकोषीय घाटा?
सीडी देशमुख भारत के वित्त मंत्री के साथ रिजर्व बैंक (RBI) के पहले गवर्नर भी थे.
4. बजट (Budget) की छपाई: बजट (Budget) पेपर पहले राष्ट्रपति भवन में ही छापे जाते थे. लेकिन साल 1950 में Budget पेपर लीक हो जाने के बाद से इन्हें दिल्ली के मिंटो रोड स्थित सिक्योरिटी प्रेस में छापा जाने लगा. साल 1980 से बजट (Budget)पेपर नॉर्थ ब्लॉक से प्रिंट होने लगे.
शुरुआत में बजट (Budget)अंग्रेजी में बनाया जाता था. लेकिन साल 1955-56 से बजट (Budget)दस्तावेज हिन्दी में भी तैयार किए जाने लगे.
साल 1955-56 में बजट (Budget) में पहली बार कालाधन उजागर करने की योजना शुरू की गई थी.
5. बजट (Budget) की गोपनीयता: बजट (Budget)छपने के लिए भेजे जाने से पहले वित्त मंत्रालय में हलवा खाने की रस्म निभाई जाती है. हलवा खाने की इस रस्म के बाद बजट (Budget) पेश होने तक वित्त मंत्रालय के अधिकारी किसी के संपर्क में नहीं रहते. इस दौरान वे अपने परिवार से भी दूर रहते हैं. वे इस दौरान वित्त मंत्रालय में ही ठहरते हैं. बजट (Budget) की गोपनीयता के हिसाब से नॉर्थ ब्लॉक में मोबाइल जैमर लगा होता है.
6. प्रधानमंत्री ने पेश किया बजट (Budget): साल 1958-59 में देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बजट (Budget) पेश किया. इसकी वजह यह थी कि उस समय वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी उनके पास ही थी. Union Budget पेश करने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री बने. नेहरू के बाद उनकी बेटी इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने भी प्रधानमंत्री रहते हुए बजट (Budget) पेश किया.
7. महिला वित्त मंत्री का बजट (Budget): भारत की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में इंदिरा गांधी ने 1970 में आम बजट (Union Budget) पेश किया था. उस समय वे देश की प्रधानमंत्री थीं. साथ में वित्त मंत्रालय का प्रभार भी उनके पास ही था. भारत के इतिहास में वे इकलौती महिला हैं, जिन्होंने आम बजट (Budget)पेश किया था. लेकिन, निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं.
8. सबसे अधिक बजट (Budget) पेश करने का रिकॉर्ड: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने अब तक सबसे अधिक 10 बार बजट पेश किया. वे 6 बार वित्त मंत्री और 4 बार उप प्रधानमंत्री रहे. इनमें 2 अंतरिम बजट (Interim Budget) भी शामिल हैं. अपने जन्मदिन पर 2 बार बजट (Budget) पेश करने वाले भी वे देश के एकमात्र वित्त मंत्री रहे.
देसाई का जन्म 29 फरवरी को हुआ था जो 4 साल में एक बार आता है. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी वित्त मंत्री के रूप में 7 बार बजट पेश कर चुके हैं.
9. Budget के समय में बदलाव: साल 2000 तक अंग्रेजी परंपरा के हिसाब से बजट (Budget) शाम 5 बजे पेश किया जाता था. साल 2001 में अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने इस परंपरा को तोड़ा. अब सुबह 11 बजे संसद में बजट (Budget)पेश करने की परंपरा शुरू की गयी. शाम में बजट पेश करने का चलन ब्रिटिश संसद के आधार पर तय किया गया था.
पहली बार सुबह 11 बजे बजट (Budget) तत्कालीन वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने पेश किया था. शाम 5 बजे बजट पेश करने की परंपरा सर बेसिल ब्लैकेट ने 1924 में शुरू की थी.
10. फिर बदली Budget की तारीख: साल 2017 से पहले बजट फरवरी महीने के आखिरी कामकाजी दिन पेश किया जाता था. साल 2017 से इसे 1 फरवरी या फरवरी के पहले कामकाजी दिन पेश किया जाने लगा. साल 2017 के बजट (Budget)से ही केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने रेल बजट (Budget) को आम बजट (Budget)में समायोजित कर एक और प्रयोग किया.
महत्वपूर्ण: ऐसा पहली बार हो रहा है कि इस बार का बजट पेपरलेस होगा अर्थात ई-पेपर.
अशोक चौधरी "प्रियदर्शी"
Ashok Kumar Choudhary is a retired banker who has wide experience in handling rural banking, agriculture and rural credit. He is also a Trade Unionist and has held a leadership position in Bharatiya Mazdoor Sangh, trade wing of RSS and formaly he has been the chairman of Regional Advisory Committe, DT National Board of Workers Education. He in past he hold the post of Joint State President of National Human Rights Organization.