जीवनी: स्वामी दयानन्द सरस्वती
स्वामी दयानन्द सरस्वती जीवनी : आरंभिक जीवन : विचार : • ये ‘शरीर’ ‘नश्वर’ है, हमे इस शरीर के जरीए सिर्फ एक मौका मिला है, खुद को साबित करने का कि, ‘मनुष्यता’ और ‘आत्मविवेक’ क्या है।• वेदों मे वर्णीत सार का पान करनेवाले ही ये जान सकते हैं कि ‘जिन्दगी’ का मूल बिन्दु क्या…
बाज़ के बच्चे मुँडेरों पर नही उड़ते…
बाज पक्षी जिसे हम ईगल या शाहीन भी कहते है। जिस उम्र में बाकी परिंदों के बच्चे चिचियाना सीखते है उस उम्र में एक मादा बाज अपने चूजे को पंजे में दबोच कर सबसे ऊंचा उड़ जाती है। पक्षियों की दुनिया में ऐसी Tough and tight training किसी और की नही होती। मादा बाज अपने…
तू जिंदगी को जी, समझने की कोशिश न कर: प्रियदर्शी
तू जिंदगी को जी,उसे समझने की कोशिश न कर सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन,उसमे उलझने की कोशिश न कर चलते वक़्त के साथ तू भी चल,उसमे सिमटने की कोशिश न कर अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले,अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर मन में चल रहे युद्ध को विराम दे,खामख्वाह…
केवल ऊँचाई ही काफ़ी नहीं होती
ज़िन्दगी पर अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रसिद्ध कविता सच्चाई यह है किकेवल ऊँचाई ही काफ़ी नहीं होती,सबसे अलग-थलग,परिवेश से पृथक,अपनों से कटा-बँटा,शून्य में अकेला खड़ा होना,पहाड़ की महानता नहीं,मजबूरी है।ऊँचाई और गहराई मेंआकाश-पाताल की दूरी है। जो जितना ऊँचा,उतना एकाकी होता है,हर भार को स्वयं ढोता है,चेहरे पर मुस्कानें चिपका,मन ही मन रोता है।…
नयका पाहून
तब ससुराल में नयका पाहून पहले के जमाने में दामाद की पूंछ परख और स्वागत का तरीका भी अलग ही ढंग का होता था।जब कभी, पूर्व सूचना पर आगमन होता तो क्या कहने।एक दो आदमी स्टेशन आते, एक सूटकेस थामता, पहले से तय किये रिक्शे में दामाद को बीचो बीच सैट कर, यात्रा का हालचाल…
बाँस की विशेषता
अब आ गए बिस्कुट खास, जो बने है बांस से, जानिये इसकी खासियत बांस से बना फर्नीचर तो आपने देखा होगा और अपने घर में इस्तेमाल भी करते होंगे, लेकिन क्या बांस के बने बिस्कुट देखे हैं? पू्र्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा में बांस के बने बिस्कुट लॉन्च हुए हैं और खुद राज्य के मुख्यमंत्री बिप्लब…

