Category: Education

बिहार बदल रहा है’ विकास, विश्वास और सामाजिक पुनर्जागरण की व्यापक गाथा: अशोक चौधरी प्रियदर्शी

बिहार बदल रहा है — विकास, विश्वास और सामाजिक पुनर्जागरण की व्यापक गाथा आचार्य अशोक चौधरी प्रियदर्शी* प्रस्तावना : धारणाओं से वास्तविकता तक बिहार की चर्चा जब भी राष्ट्रीय स्तर पर होती है तो उसके साथ इतिहास का गौरव, सामाजिक संघर्ष, राजनीतिक चेतना और आर्थिक चुनौतियाँ एक साथ जुड़ जाती हैं। कभी यह भूमि विश्वगुरु…

कटिहार : अंगदेश की ऐतिहासिक धरोहर से आधुनिक जिला तक: अशोक प्रियदर्शी

कटिहार : अंगदेश की ऐतिहासिक धरोहर से आधुनिक जिला तक 📜 महाभारतकालीन अंगदेश और कर्ण भारत के इतिहास में अंगदेश (वर्तमान बिहार का भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया और कटिहार क्षेत्र) का विशेष स्थान है। महाभारत में अंगराज कर्ण का राज्य अंगदेश ही था, जिसकी राजधानी चंपापुरी (आज का भागलपुर) थी। कर्ण केवल युद्ध–वीर ही नहीं, बल्कि…

भारतवर्ष का अंधकार-युगीन इतिहास: अशोक चौधरी प्रियदर्शी

– भारतवर्ष का अंधकार-युगीन इतिहास ✍️ डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल की दृष्टि से 📍 प्रस्तावना भारतीय इतिहास में 150 ईस्वी से 350 ईस्वी तक का कालखंड प्रायः “अंधकार-युग” (Dark Age) कहा जाता है। इस अवधि को “अंधकार” इसलिए माना गया क्योंकि न तो इस समय कोई विशाल अखिल भारतीय साम्राज्य विद्यमान था और न ही…

कल्चुरी रत्न रायबहादुर डॉ हीरालाल जीवन वृत: अशोक चौधरी प्रियदर्शी

🌸 स्मृति-दीप ✍️ कलचुरी रत्न रायबहादुर डॉ. हीरालाल 🌿 जन्म एवं शिक्षा जन्म : 1 अक्टूबर 1867, कटनी (मध्यप्रदेश) समाज : कलवार / कलाल समाज वंश परंपरा : कलचुरी वंशीय परंपरा से संबद्ध कटनी की पावन भूमि पर जन्मे यह प्रतिभाशाली बालक बचपन से ही अध्ययनशील और कर्मनिष्ठ स्वभाव का धनी था। 1888 में गवर्नमेंट…

डॉ काशी प्रसाद जायसवाल- बैरिस्टर, मुद्राशास्त्री, चिंतक राष्ट्रवादी इतिहासकार: डॉ अशोक चौधरी

डॉ काशी प्रसाद जायसवाल जन्म 27 नवम्बर, 1881 जन्म भूमि मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश मृत्यु 4 अगस्त, 1937 कर्म भूमि भारत कर्म-क्षेत्र भारतीय इतिहास तथा पुरातत्त्व मुख्य रचनाएँ ‘हिन्दू पॉलिटि’, ‘एन इंपीरियल हिस्ट्री ऑफ़ इण्डिया’, ‘ए क्रोनोलॉजी एण्ड हिस्ट्री ऑफ़ नेपाल’, ‘अंधकार युगीन भारत’। विद्यालय ‘लंदन मिशन स्कूल’, मिर्जापुर; ‘ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी’. प्रसिद्धि इतिहासकार विशेष योगदान डॉ.…

कलवार संगठन एकता हेतु एक विचार: अशोक चौ़धरी प्रियदर्शी

सामाजिक संगठन की एकजुटता हेतु विचार:   जायसवाल/कलवार समाज का अस्तित्व प्राचीन काल से रहा है। सनातन धर्म के विभिन्न ग्रंथों में इसका उल्लेख प्राप्त होता है। अखंड भारत के विविध क्षेत्रों में यह समाज विभिन्न उपनामों, उपवर्गों एवं उपजातियों के रूप में विद्यमान रहा है। इस्लाम के उद्भव से पूर्व ही इस समाज के…

श्यामा प्रसाद मुखर्जी: एक युगपुरुष: अशोक चौधरी “प्रियदर्शी”

  श्यामा प्रसाद मुखर्जी: एक युगपुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक ऐसा नाम है जो भारतीय राजनीति और शिक्षा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। उनका जीवन एक प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें राष्ट्रवाद, शिक्षा और सामाजिक सेवा के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करता है। *प्रारंभिक जीवन और शिक्षा* श्यामा…

दानवीर भामाशाह का जीवन और त्याग: अशोक चौधरी “प्रियदर्शी”

दानवीर भामाशाह का जन्म दिवस विशेष दान की चर्चा होते ही भामाशाह का नाम स्वयं ही मुँह पर आ जाता है। देश रक्षा के लिए महाराणा प्रताप के चरणों में अपनी सब जमा पूँजी अर्पित करने वाले दानवीर भामाशाह का जन्म 29 जून, 1547 को अलवर (राजस्थान) में हुआ था। भामाशाह के पिता श्री भारमल्ल…