Category: History

कलवार-जायसवाल जाति का इतिहास: अशोक चौधरी

कलवार-जायसवाल जाति का इतिहास अशोक कुमार चौधरी कलवार जाति का सम्बन्ध हैहय वंश से जुड़ा है , हैहय वंशी क्षत्रिय थे,इसके पीछे इतिहास है,वेदों और हरिवंश पुराण में प्रमाण मिलता हैं की कलवार वंश का उत्पति भारत के महान चन्द्र वंशी क्षत्रिय कुल में हुआ हैं. इसी वंश में कार्तवीर्य,सहस्त्रबाहू जैसे वीर योद्धा हुए सहस्त्रबाहू…

पृथ्वीराज चौहान इतिहास के पन्नों से: अशोक चौधरी

   पृथ्वीराज चौहान का जन्म ज्येष्ठमास कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि सम्वत् 1220 यानी 1166 ई० में हुआ था. जॉर्ज ऑरवेल ने अपने उपन्यास 1984 में लिखा है कि जिसका वर्तमान पर नियंत्रण होता है उसी का अतीत पर भी नियंत्रण होता है। भारत में लंबे समय तक औपनिवेशिक शासन एवं ततपश्चात वामपंथी इतिहासकारों का वर्चस्व…

कलवार गौरव झारू कलाल जीवन वृतांत: अशोक चौधरी प्रियदर्शी

*झारू कलाल: गुरु नानक देव जी के सेवक और बाणी के प्रथम लेखक* *खंड 1: परिचय* *झारू कलाल* सिख इतिहास की उन महान विभूतियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने गुरु नानक देव जी के साथ उनके आरंभिक जीवन में संगत की और उनकी वाणी को लिपिबद्ध कर संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह उन…

सम्पूर्ण क्रान्ति का आगाज दिवस 18 मार्च 1974: अशोक चौधरी

18 मार्च 1974 आज ही का वो दिन जब बिहार से जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में छात्र आंदोलन की नींव पड़ गई थी. ये आंदोलन पूरे देश में ऐसा फैल गया कि देखते ही देखते राजनीति का चेहरा ही पूरी तरह बदल गया. ये आंदोलन करीब एक साल चला. देश ने इस आंदोलन के साथ…

बिहार केसरी बाबू दीपनारायण सिंह: अशोक चौधरी

अंग क्षेत्र की धरती ने कई महापुरुषों को जन्म दिया है। ऐसे ही एक महापुरुष थे दीप नारायण सिंह। इन्हें प्यार से लोग दीप बाबू कहकर बुलाते थे। बिहार की जनता ने उन्हें बिहार केसरी की उपाधि से विभूषित किया था। दीप बाबू नमक सत्याग्रह आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर: अशोक कुमार चौधरी

भीमराव रामजी आंबेडकर, डॉ. बाबासाहब आंबेडकर नाम से लोकप्रिय, भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और समाजसुधारक थे। उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और अछूतों से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था। श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था। उनके पिताश्री रामजी वल्द मालोजी सकपाल महू में ही मेजर…

असम में कभी मुस्लिम राज क्यों नहीं आया ?

जब ब्रह्मपुत्र का पानी मुगलों के खून से लाल हो गया था असम में कभी मुस्लिम राज क्यों नहीं आया ? लाचित बरफुकन के वीरता की कहानी 24 नवंबर को असम के महान सेनानायक लचित बोरफुकान की 400वीं जयंती थी इस मौके पर दिल्ली के विज्ञान भवन में 3 दिन का एक कार्यक्रम आयोजित किया…

मई दिवस पर विशेष, मजदूरों का शोषण मानवता का उपहास: अशोक कुमार चौधरी

अपने मानवोचित अधिकारों की प्राप्ति के लिए श्रमिकों के संघर्ष की कहानी लंबी है। यह कहानी अब भी समाप्त नहीं हुई हैं। कब तक चलेगी, कहना कठिन है। आज का श्रमिक सामान्यत: सात-आठ घंटे काम करता है लेकिन पुराने जमाने में श्रमिक को पंद्रह-बीस घंटे तक काम करना पड़ता था और उसमें भी यदि मालिक…

रामप्यारी गुर्जर जिसने तैमुर लंग को खदेड़ा : अशोक चौधरी

राम प्यारी गुर्जरी… वो वीरांगना जिन्होंने आधी दुनिया के विजेता तैमूर लंग को युद्ध के मैदान में खदेड़ा था राम प्यारी की वीरगाथा से पहले अमित शाह जी को धन्यवाद…. मैं अमित शाह जी का बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूँ उन्होंने ग़ाज़ियाबाद के लोनी में हुई सभा में वीरांगना राम प्यारी गुर्जरी का नाम…