26 जून आपातकाल की काली सुबह और मै : अशोक चौधरी
26 जून 1975 की सुबह 4.30 बज रहे थे, दरवाजा पर जोड़-जोड़ खटखटाने की आवाज दे रहे व्यक्ति ने कड़क आवाज में कहा कि जल्दी दरवाजा खोलो, नहीं तो तोड़ डालेंगे. मेरे सिनियर मित्र (स्व) श्याम सुन्दर दास ने झकझोरते हुए मुझे यह कहते हुए धक्का देकर उठाया कि “अशोक” भागो लगता है पुलिस तुम्हें…




