Category: Education

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून पर विशेष: अशोक चौधरी

पर्यावरण को स्वच्छ बनायें, आओ पेड़ पौधे लगायें। अशोक कुमार चौधरी  आज पर्यावरण एक जरूरी सवाल ही नहीं बल्कि ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है । ग्रामीण समाज को छोड़ दें तो महानगरीय जीवन में इसके प्रति खास उत्सुकता नहीं पाई जाती। परिणामस्वरूप पर्यावरण सुरक्षा महज एक सरकारी एजेण्डा ही बन कर रह गया है। जबकि…

क्या है आभासी मुद्रा [Crypto Currency] कैसे करते हैं व्यापार: कमा सकते हैं प्रचुर धन

दुनिया के किसी भी व्यक्ति, संस्था तथा देश को अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए और आपसी लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए एक मुद्रा (करेंसी) की जरूरत होती है ताकि उसका उपयोग वह सुचारू रूप से कर सके। इसलिए, प्रत्येक देश की अपनी अलग-अलग मुद्रा होती है, जैसे-भारत में रुपया, अमेरिका में डॉलर आदि। दरअसल, यह भौतिक करेंसी होती हैं जिसे आप देख सकते हैं, छू सकते हैं और नियमानुसार किसी भी स्थान या देश में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन क्रिप्टो करेंसी इससे अलग होती है जो एक डिजिटल करेंसी है। इसे आप न तो देख सकते हैं, न छू सकते हैं, क्योंकि भौतिक रूप में क्रिप्टो करेंसी का मुद्रण नहीं किया जाता। इसलिए इसे आभासी मुद्रा कहा जाता है। पिछले कुछ सालों में ऐसी करेंसी काफी प्रचलित हुई है।

तो आइए जानते हैं कि आखिर क्या है क्रिप्टो करेंसी ?

व्यापार के लिए डाउनलोड करें WazirApps :-

https://wazirx.com/invite/9x2dz4s7

क्रिप्टो करेंसी एक ऐसी मुद्रा है जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी होती है। यह एक स्वतंत्र मुद्रा है जिसका कोई मालिक नहीं होता। यह करेंसी किसी भी एक अथॉरिटी के काबू में भी नहीं होती। अमूमन रुपया, डॉलर, यूरो या अन्य मुद्राओं की तरह ही इस मुद्रा का संचालन किसी राज्य, देश, संस्था या सरकार द्वारा नहीं किया जाता। यह एक डिजिटल करेंसी होती है जिसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है। आमतौर पर इसका प्रयोग किसी सामान की खरीदारी या कोई सर्विस खरीदने के लिए किया जा सकता है।

Watch this Video Also:-

https://youtu.be/By08QtebCOs?t=218

आपको पता होना चाहिए कि सर्वप्रथम क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत 2009 में हुई थी जो “बिटकॉइन” थी। इसको जापान के सतोषी नाकमोतो नाम के एक इंजीनियर ने बनाया था। प्रारम्भ में यह उतनी प्रचलित नहीं थी, किन्तु धीरे-धीरे इसके रेट आसमान छूने लगे, जिससे यह सफल हो गई। देखा जाए तो 2009 से लेकर वर्तमान समय तक लगभग 1500 प्रकार की क्रिप्टो करेंसी बाजार में मौजूद हैं, जो पियर टू पियर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के रूप में कार्य करती है।

खाता बनाने के लिए निम्न लिंक को क्लिक कर डाउनलोड करें, यह भारतीय और 100 प्रतिशत सुरक्षित है.

मई दिवस पर विशेष, मजदूरों का शोषण मानवता का उपहास: अशोक कुमार चौधरी

अपने मानवोचित अधिकारों की प्राप्ति के लिए श्रमिकों के संघर्ष की कहानी लंबी है। यह कहानी अब भी समाप्त नहीं हुई हैं। कब तक चलेगी, कहना कठिन है। आज का श्रमिक सामान्यत: सात-आठ घंटे काम करता है लेकिन पुराने जमाने में श्रमिक को पंद्रह-बीस घंटे तक काम करना पड़ता था और उसमें भी यदि मालिक…

24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस: अशोक कुमार चौधरी

पंचायत शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – “पंच”, जिसका अर्थ है पाँच, और “आयत”, जिसका अर्थ सभा है। इसलिए, पंचायती राज पारंपरिक रूप से भारत में स्थानीय शासन के एक रूप को संदर्भित करता है, जो आमतौर पर व्यक्तियों या गांवों के बीच विवादों को निपटाने के लिए एक क्षेत्र के पांच या…

रामप्यारी गुर्जर जिसने तैमुर लंग को खदेड़ा : अशोक चौधरी

राम प्यारी गुर्जरी… वो वीरांगना जिन्होंने आधी दुनिया के विजेता तैमूर लंग को युद्ध के मैदान में खदेड़ा था राम प्यारी की वीरगाथा से पहले अमित शाह जी को धन्यवाद…. मैं अमित शाह जी का बहुत बहुत आभार व्यक्त करता हूँ उन्होंने ग़ाज़ियाबाद के लोनी में हुई सभा में वीरांगना राम प्यारी गुर्जरी का नाम…

चार बांस, चौबीस गज, अंगुल अष्ठ प्रमाण! ता उपर सुल्तान है, चूको मत चौहान!!

इतिहास के पन्नों से मत चूको चौहान वसन्त पंचमी का शौर्य चार बांस, चौबीस गज, अंगुल अष्ठ प्रमाण! ता उपर सुल्तान है, चूको मत चौहान!! वसंत पंचमी का दिन हमें “हिन्दशिरोमणि पृथ्वीराज चौहान” की भी याद दिलाता है। उन्होंने विदेशी इस्लामिक आक्रमणकारी मोहम्मद गौरी को 16 बार पराजित किया और उदारता दिखाते हुए हर बार…

राजमाता जीजा बाई जयंती पर विशेष: अशोक चौधरी

राजमाता जीजा बाई जयंती 12 जनवरी आज वीरांगना जीजाबाई की 424 वीं जयन्ती है.जीजा बाई यादव वंश के शक्ति-शाली बेहद साहसी सामंत लखुजी जाधव और माता महालसाबाई की बेटी थीं. पिताकी विरासत बेटी जीजाबाई को मिली. यही बीज माता जीजा बाई ने अपने सुपुत्र शिवाजी के भीतर निरूपित किये. जीजाबाई छत्रपति शिवाजी की मां ही…

“चकलाघर” अंग्रेजों का वेश्याघर: अशोक चौधरी

ā👁️👀👁️👀👁️👀👁️👀👁️ ✍️ *इतिहास के पन्नों से* *अंग्रेज कैंटोनमेंट में आधिकारिक रूप से अंग्रेजों के लिए था भारतीय महिलाओं का चकलाघर* आइये आज जानते हैं कि कैसे अंग्रेजों ने अपने सैनिकों की अय्याशी के लिए, उनकी हवस को पूरा करने के लिए भारतीय लड़कियों को आधिकारिक रूप से चकलाघर में बैठाया था। अंग्रेजों ने अपने इस…