Category: Education

क्या आपने बबिता राजपूत का नाम किसी मीडिया में कभी सुना है ? अशोक चौधरी

मध्यप्रदेश के अंगरोठा गाँव की रहने वाली 19 वर्ष की बबिता राजपूत ने 2018 में गाँव की 200 महिलाओं के साथ मिलकर खाई खोदकर पहाड़ो से बहता बारिश का पानी पुरातन तालाब में इकट्ठा करके मृत तालाब और सूखी नदी को जीवित किया और सूखा पीड़ित गाँव की वर्षों पुरानी जल समस्या का समाधान कर दिया। अब 1400 की आबादी वाले गाँव की नहरों में भरपूर पानी है और किसान आसानी से सिंचाई कर रहे है।

क्या है कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, किसानो को क्या होगा लाभ ? : अशोक चौधरी

भारत में खेती पूरी तरह से कुदरत के भरोसे है. कभी सूखा तो कभी ज्यादा बारिश, खेत में खड़ी फसल को चौपट कर देते हैं. हमारे देश में ज्यादातर छोटे किसान हैं. ये किसान अपने खेतों में कुछ ज्यादा प्रयोग भी नहीं कर पाते. आलम ये हो गया है कि लोग खेती-बाड़ी छोड़कर शहरों की…

मोमता का हिन्दुओं पर अत्याचार, ‘”नवाब हुसैन शाह'” की याद ताजा कर रहा है.

मोमता ने हिंदुओं पर वैसे ही अत्याचार किए जैसे बंगाल के नवाब ने चैतन्य महाप्रभु पर किए थे.

मोमता ने हिंदुओं पर वैसे ही अत्याचार किए जैसे बंगाल के नवाब ने चैतन्य महाप्रभु पर किए थे.

इतिहास खुद को दोहराता है… बार बार दोहराता है क्योंकि लोग बदलना नहीं चाहते हैं ना तो इस देश का मुसलमान बदला… मुसलमान आज भी जिहाद के रास्ते पर चल रहा है और ना ही आज का हिंदू बदला जो कि आज भी सेक्युलरिज्म के रास्ते पर चल रहा है… इसीलिए इतिहास खुद को बार बार दोहराता है

चैतन्य महाप्रभु का जन्म 1484 ईस्वी में बंगाल के नदिया जिले में हुआ था… उस समय बंगाल का नवाब हुसैन शाह था. हुसैन शाह की मुस्लिम सेनाएँ बहुत तेजी से हिंदुओं का दमन कर रही थीं… हिंदू बहिन बेटियों की इज्जत आबरू का कोई मोल नहीं रह गया था. गौमांस खिलाकर हिन्दुओं को लगातार मुसलमान बनाया जा रहा था.
ऐसे समय में चैतन्य महाप्रभु का जन्म हुआ था और उन्होंने हिंदू धर्म के बीच प्रचार के लिए हरिनाम संकीर्तन पर जोर दिया… उनका एक मंत्र आज भी महामंत्र है जिसे निमाई कहा जाता है… ये मंत्र है… हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे !!

पूरे बंगाल में चैतन्य महाप्रभु की वाणी गूंजने लगी… लोग भक्तिभाव में झूमने लगे… बंगाल के नवाब की नाक के नीचे जगह जगह कृष्ण और राम के संकीर्तन शुरू हो गए… नवाब इससे क्रोधित हो उठा… फिर क्या था क़ाज़ियों ने हरिनाम कहने वालों पर अत्याचार शुरू कर दिये

चैतन्य महाप्रभु पर गौमांस के टुकड़े फेंके गए… कितने ही हिंदुओं को कठोर दंड और यातनाएँ देनी शुरू की गई… पूरे नदिया जिले में हिंदू स्त्रियों का सतीत्व भंग किया गया । महिलाओं और पुरुषों के होठों पर जरदस्ती गौमांस के टुकड़े छुआए गए… बच्चों तक को काट डाला गया और ये सब इसलिए क्योंकि हिंदू अपनी ही धरती पर राम कृष्ण नाम का संकीर्तन कर रहे थे.

 

इस वक्त बंगाल में मोमता का राज चल रहा है और मोमता ने भी ठीक इसी तरह हिंदुओं की दुर्गापूजा वगैरह पर तरह तरह की बंदिशें लगाने की कोशिश की हैं जिसके बाद हाईकोर्ट तक को दख़लंदाज़ी करनी पड़ी है.

ऐसी स्थिति में ये बात बिलकुल साफ है… कि अगर बंगाल का हिंदू नहीं जागा तो स्थितियाँ बहुत ही ज्यादा विकट हो जाएँगी… इस वक्त भी मुस्लिमों के समर्थन से मोमता की सरकार चल रही है और आगे फिर ऐसा ही हुआ तो बंगाल में हिंदुओं को बहुत ज़्यादा कष्ट झेलने पड़ेंगे .

क्या है तेल का खेल: मोदीजी तेल पर टैक्स क्यों नहीं कम कर रहे हैं ?- अशोक चौधरी

सरकार पेट्रोल-डीजल पर टैक्स क्यों नहीं घटाती है ? हर नागरिक को जानने की जरूरत है. आखिर विश्व बाजार में कच्चा तेल की कीमत गिरने के बावजूद भारत में तेल मंहगा क्यों ? जब नरेन्द्र मोदीजी ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली, तो सिंहासन काँटेदार था. पिछली सरकार ने अपने 10 वर्षों के शासन…

मोदी का तहलका: वॉट्सऐप की छुट्टी, अब आ गया स्वदेशी SANDES : अशोक चौधरी

Sandes एक मैसेजिंग ऐप (Messaging App) को केंद्र सरकार ने तैयार किया है. इस ऐप की सबसे अच्छी बात ये है कि विदेशी ऐप्स आपकी प्राइवेसी और डेटा की चोरी नहीं कर पाएंगे. इस ऐप को NIC (National Informatics Centre) ने डेवलप किया है, जो मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) का हिस्सा है.…

जब मैनें अपनी गाड़ी बेच दी तब FASTag का क्या होगा ?

🚙*क्या एक कार का FASTag दूसरी में लगा सकते हैं? कार बेच दी तो FASTag का क्या होगा, जानिए ऐसे 10 सवालों के जवाब* *आज से अगर आपको नेशनल हाईवे से गुजरना है तो आपकी कार में FASTag होना अनिवार्य है, वरना दोगुना टोल देने के लिए तैयार रहिए. 15 फरवरी रात 12 बजे से…

आप जानते हैं RSS ने 52 वर्षों तक तिरंगा ध्वज क्यों नहीं फहराया ? अशोक चौधरी

नेहरू ने आखिर भारतीय से उनके अपने ही देश का झंडा क्यों छिन लिया??? क्या आप जानते हैं कि RSS ने 52 वर्षों तक भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा नही फहराया ? जी हां ये सच है कि 1950 से 2002 तक RSS ने तिरंगा नहीं फहराया! तो इस राष्ट्रीय ध्वज के न फहराने का…

टूलकिट आखिर क्या है जिसपर मचा है बवाल, आसान भाषा में समझिए:अशोक चौधरी

टूलकिट आखिर क्या है जिसपर मचा है बवाल, जानते हैंआसान भाषा में. क्या आपको पता है कि ये टूलकिट (Toolkit) क्या होता है और इस पर इतना बवाल क्यों मचा हुआ है? टूलकिट में क्या-क्या शामिल होता है और कहां-कहां इसका इस्तेमाल होता है. क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के टूलकिट मामले में दिशा रवि को…