जिंदगी भर प्रयास ही प्रयास
प्रयास अँधेरे कमरे में बिछावन पर लेटे हुए सिरहाने पर सर रख सोनेका प्रयासदिन भर हुई मुलाकातों मेंछुपे प्रश्नो को…
The voice of New India
प्रयास अँधेरे कमरे में बिछावन पर लेटे हुए सिरहाने पर सर रख सोनेका प्रयासदिन भर हुई मुलाकातों मेंछुपे प्रश्नो को…
इस जग में आने से पहलेमैं कौन से जग में था ,जल में था या थल में थाआकाश में था…
मल्लिका रॉय (घोष),लखनऊ मानव तु साथी बन, पथ में अनुरागी बन ।असमंजस उलझन में, आकर सहगामी बन।जीवन की रातों में,…
एक बार हमें करनी पड़ी एक बार हमें करनी पड़ी रेल की यात्रादेख सवारियों की मात्रापसीने लगे छूटनेहम घर की…
अनंत काल स्तब्ध है, तटस्थ है, नीबद्ध है।प्रकाश पुंज श्रृंखला शिशिर तले अखंड है।श्वास की ही ताल पर, प्रचंड कोप…
‘काका’ वेटिंग रूम में फँसे देहरादून ।नींद न आई रात भर, मच्छर चूसें खून ॥मच्छर चूसें खून, देह घायल कर…
जिंदगी की इस आपाधापी में,कब जिंदगी की सुबह से शाम हो गई,पता ही नहीं चला। कल तक जिन मैदानों में…
कभी कभी आदमी इतराता बहुत है, होता कुछ नहीं पर दिखाता बहुत है। झूठी शानोशौकत में जीना चाहता है, भेद…
जरा उडक़र तो देखो मकड़ी भी नहीं फँसती,अपने बनाये जालों में। जितना आदमी उलझा है,अपने बुने ख़यालों में…।। तुम निचे…