राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक आयोग की स्थापना: संवैधानिक दायित्व, सामाजिक न्याय और गरिमामय वृद्धावस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय संकल्प: अशोक प्रियदर्शी
*राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक आयोग की स्थापना: संवैधानिक दायित्व, सामाजिक न्याय और गरिमामय वृद्धावस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय संकल्प* *©आचार्य अशोक चौधरी प्रियदर्शी* कटिहार बिहार भारतीय सभ्यता की आत्मा में यदि किसी मूल्य को सबसे अधिक प्रतिष्ठा मिली है तो वह है—वृद्धजनों का सम्मान। हमारे पारंपरिक जीवन में आयु केवल जैविक अवस्था नहीं थी;…

