Category: Social

बाँस की विशेषता

अब आ गए बिस्कुट खास, जो बने है बांस से, जानिये इसकी खासियत बांस से बना फर्नीचर तो आपने देखा होगा और अपने घर में इस्तेमाल भी करते होंगे, लेकिन क्या बांस के बने बिस्कुट देखे हैं? पू्र्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा में बांस के बने बिस्कुट लॉन्च हुए हैं और खुद राज्य के मुख्यमंत्री बिप्लब…

seagulls, gulls, birds

कहानी “निवाला”

निवाला बड़ी बेचैनी से रात कटी।बमुश्किल सुबह एक रोटी खाकर, घर से अपने शोरूम के लिए निकला।आज किसी के पेट पर पहली बार लात मारने जा रहा हूँ।ये बात अंदर ही अंदर कचोट रही है।ज़िंदगी में यही फ़लसफ़ा रहा मेरा कि, अपने आस पास किसी को, रोटी के लिए तरसना ना पड़े,पर इस विकट काल…

संस्मरण: प्रशान्त कुमार घोष जी

डंटी टुटा कप एक हास्यकर सत्य घटना बताने जा रहा हूँ।1989 साल की बात है।उस समय मैं मधेपुरा जिला के खुरहान शाखा में शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थापित था।खुरहान शाखा के मकान मालिक पूर्णिया में रहा करते थे।लेकिन उनके बड़े भाई श्री सुरेश कुमार सिंह,जो खुरहान कॉलेज के प्रिंसिपल थे,शाखा परिसर के बगल में…

अगर आपका स्मार्ट फोन जल्दी डिस्चार्ज हो जाता है

स्मार्टफोन में खराब बैटरी बैकअप की सबसे बड़ी वजह यह होती है कि लोग डिस्प्ले ब्राइटनेस को फुल रखते हैं, जिसके कारण अधिक बैटरी की खपत होने लगती है। इसलिए ब्राइटनेस को अपनी आवश्यकता के हिसाब से सेट कीजिए। आप अपने फोन की स्क्रीन ऑन टाइम को कम करके भी बैटरी बैकअप को बेहतर बना…

‘चिपकास’ और ‘छपास’ की लाइलाज बीमारी

वैसे तो दुनिया में अनेक बीमारियाँ हैं चाहे वो सर्दी-जुकाम-बुखार हो, टीबी हो, कैंसर हो, एड्स या नवीनतम कोरोना वाइरस वाला ही क्यों न हो; उनका कुछ ना कुछ इलाज तो अवश्य है l लेकिन खास तौर पर राजनीति के क्षेत्र में “चिपकास” और “छपास”  नामक दो बीमारियाँ ऐसी हैं जो लाइलाज हैं l चलिए उनकी चर्चा बारी-बारी से करते…

मेरी चाहत

 रमेश उपाध्याय वाराणसी ऐ मुश्किलें ,अपनी चाहतें तो बता,हर रोज यूँ मुझे परेशान न कर.कोई इन्तहां तो होगी तेरी रुसवाई का,मैं बेफिक्र चल रहा हूँ, तू खलल न डाल.राहें कठिन है , उम्र भर का बोझ भी है,मुझे मंजिल तक जाने की मुहलत तो दे

जीने की कला

तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर. सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन, उसमे उलझने की कोशिश न कर. चलते वक़्त के साथ तू भी चल, अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर. मन में चल रहे युद्ध को विराम दे, खामख्वाह खुद…

निःशब्द समय

हरियाली वही, मौसम वही,  आसमां वही, दरिया भी वही । इस बार भी  सावन  आया , पर न हरी चूडियां खनकी,  न झूले पड़े ,न कजरी सुनी, न पपिहा बोला, न पिया आया । विरहणी तो बहुत  विरही, पर विरह गीत न  सुना । सभी नि:शब्द, डरे-सहमे,  घरों में  दुबके बैठे  हैं  । करौना का…

श्री कृष्ण का लॉकडाउन

*कहानी श्री कृष्ण का लॉकडाउन*कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र को विशाल सेनाओं के आवागमन की सुविधा के लिए तैयार किया जा रहा था। उन्होंने हाथियों का इस्तेमाल पेड़ों को उखाड़ने और जमीन साफ करने के लिए किया। ऐसे ही एक पेड़ पर एक गौरैया अपने चार बच्चों के साथ रहती थी। जब उस पेड़ को उखाड़ा जा…