जल्द ही भारत देगा दुनिया को नैज़ल ड्रॉप्स,बस एक डोज़ और करोना वायरस खत्म.
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए भारत ने एक और कदम आगे बढ़ा दिया है. भारत बायोटेक ने कोरोना को मात देने के लिए नैजल वैक्सीन (Nasal Covid-19 Vaccine) तैयार की है. यानी इस वैक्सीन को नाक के जरिए दिया जाएगा. कंपनी अब देश भर में इस वैक्सीन का ट्रायल करने जा रही है. इसके लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से इजाजत मांगी गई थी. बता दें कि भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ को शर्तों के साथ इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी गई.
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत को मिली एक और सफलता
एक्सपर्ट कमेटी ने नाक से दी जाने कोरोना वैक्सीन के ट्रायल को दी मंजूरी
भारत में लंबे समय से प्रतीक्षित कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत हो चुकी है। रोजाना लाखों की संख्या में कोरोना वॉरियर्स को वैक्सीन लगाई जा रही है. दुनिया के कई देश आज भारत से कोरोना वैक्सीन खरीदना चाहते हैं. यही वजह है कि भारत ने बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत अपने कई पड़ोसी देशों को कोरोना वैक्सीन सप्लाई करने का वादा भी किया है. इस बीच भारत ने कोरोना वायरस के खिलाफ इस जंग में एक और वैक्सीन के ट्रायल को मंजूरी दे दी है. सूत्रों के अनुसार एक्सपर्ट कमेटी ने भारत बायोटेक ( Bharat Biotech )
के नैजल वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के ट्रायल को अपनी अनुमति प्रदान कर दी है. कमेटी की मंजूरी मिलने के बाद ही जल्द ही वैक्सीन का ट्रायल भी शुरू हो जाएगा.
नैजल वैक्सीन नाक के माध्यम से दी जाती है
जानकारी के अनुसार कोरोना की यह नैजल वैक्सीन नाक के माध्यम से दी जाती है. भारत बायोटेक के डॉ. कृष्णा इल्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी कंपनी ने वॉशिंगटन युनिवर्सिटी के साथ एक करार किया है. उन्होंने बताया कि कोरोना की यह नैजल वैक्सीन अन्य वैक्सीन के मुकाबले कहीं ज्यादा असरदार होगी, यही वजह है कि इस वैक्सीन की केवल एक डोज ही पर्याप्त होगी. एक शोध में पाया गया कि नैजल वैक्सीन इंजेक्शन से दी जानी वैक्सीन से काफी बेहतर और असरदार होती है. डॉ. इल्ला ने बताया कि वैक्सीन का ट्रायल भुवनेश्वर-पुण-नागपुर-हैदराबाद में भी किया जाएगा.
नैजल वैक्सीन अधिक कारगर
कोरोना की नैजल वैक्सीन के अधिक कारगर होने का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि यह वायरस नाक के माध्यम से अधिक फैलता है. कोरोना की यह वैक्सीन नाक के माध्यम से ही दी जाती है। एक रिसर्च के अनुसार नाक के माध्यम से वैक्सीन दिए जाने पर बॉडी में इम्युन रिस्पॉन्स काफी बेहतर होता है. यह वैक्सीन नाक में किसी भी तरह के संक्रमण आने से रोकती है, जिससे यह शरीर में प्रवेश नहीं कर पाता. एक्सपर्ट का तो यहां तक कहना है कि कोरोना की नैजल वैक्सीन महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है. यह वैक्सीन अन्य इंजेक्शन द्वारा दी जाने वाली वैक्सीन के मुकाबले कम खतरनाक और सरलता से दी जाने वाली है. आपको बता दें कि अभी भारत में कोरोना वायरस की दो वैक्सीन कोविशिल्ड औ कोवैक्सीन को अनुमति दी गई है.
अशोक चौधरी "प्रियदर्शी"
Ashok Kumar Choudhary is a retired banker who has wide experience in handling rural banking, agriculture and rural credit. He is also a Trade Unionist and has held a leadership position in Bharatiya Mazdoor Sangh, trade wing of RSS and formaly he has been the chairman of Regional Advisory Committe, DT National Board of Workers Education. He in past he hold the post of Joint State President of National Human Rights Organization.