क्या मिला क्या खोया कुछ याद नहीं: डॉ बीना सिंह “रागी”
Spread the loveसंसार के भीड़ के कोलाहल में तन और धन चलता जा रहा है खामोशी से मौन होकर बिन बोले उम्र से एक-एक दिन निकलता जा रहा है क्या मिला क्या खोया कुछ याद नहीं कुछ पाने की अब कोई फरियाद नहीं सब कुछ तो है मेरे पास मेरी सांसे मेरी धड़कन मेरे एहसास…









