मन चमड़ी का दास है चिपट चिपट चिपटाए
Spread the love मन चमड़ी का दास हैचिपट चिपट चिपटाएजयों सुअर संग सुअरी कीच कलोल को जाए । तुम , कौन सा आनंद पाना चाहते हो , वह आनंद जो सुअर को कीचड़ में कलोल करने से मिलता है या वह आनंद जो मेघों के घिर आने पर , मोर को नर्तन से मिलता है…









