Placeholder Image 1

Step 1 - Theme Options

To begin customizing your site go to Appearance -> Customizer and select Theme Options. Here's you'll find custom options to help build your site.

Placeholder Image 2

Step 2 - Setup Slider

To add a slider go to Theme Options -> Homepage and choose page slider. The slider will use the page title, excerpt and featured image for the slides.

Placeholder Image 3

Step 3 - Create Homepage

To add featured content go to Theme Options -> Homepage (Featured) and turn the switch on then add the content you want for each section.

बिहार केसरी बाबू दीपनारायण सिंह: अशोक चौधरी

Spread the love

अंग क्षेत्र की धरती ने कई महापुरुषों को जन्म दिया है। ऐसे ही एक महापुरुष थे दीप नारायण सिंह। इन्हें प्यार से लोग दीप बाबू कहकर बुलाते थे। बिहार की जनता ने उन्हें बिहार केसरी की उपाधि से विभूषित किया था। दीप बाबू नमक सत्याग्रह आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

जायसवाल समाज में जबरदस्त उत्साह: अशोक चौधरी

Spread the love

Spread the love गणतंत्र दिवस परेड में नौसेना दल को लीड करेंगी लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत. जायसवाल / कलवार समाज में जबरदस्त उत्साह. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत नौसेना के मार्चिंग दल का नेतृत्व करेंगी। दक्षिण भारत के जायसवाल/ कलवार समाज ने अपनी…

दक्षिण भारत में कलवार जायसवाल का आंदोलन: अशोक चौधरी

Spread the love

Spread the loveदक्षिण वालों से सीखें उत्तर के कलवार / जायसवाल; शिमोगा के शिरालकोप्पा पहुंची पदयात्रा; देखते ही बन रहे एकता के नजारे उत्तर भारत में कलवार /जायसवाल समाज की ‘राजनीतिक शक्ति’ और ‘राजनीतिक चेतना’ जैसे शब्द हमें चुनावी मौसम में समाज के उन कथित पहरुओं और कथित अलमबरदारों के मुंह से सुनाई देते हैं,…

आइए जानते हैं क्या है नियोग, क्या आज भी है यह प्रथा

Spread the love

Spread the loveनियोग प्रथा क्या है ? क्या यह अभी भी प्रचलित है ? प्राचीन काल में पति के संतानोत्पत्ति में असक्षम रहने अथवा जीवित न रहने पर, वंश को आगे बढाने के लिए पत्नी किसी अन्य से संबंध बनाकर संतान उत्पन्न किया करती थी। यही क्रिया नियोग कहलाती थी जिसने आगे चलकर एक प्रथा…

डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर: अशोक कुमार चौधरी

Spread the love

Spread the love भीमराव रामजी आंबेडकर, डॉ. बाबासाहब आंबेडकर नाम से लोकप्रिय, भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और समाजसुधारक थे। उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और अछूतों से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था। श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था। उनके पिताश्री रामजी वल्द मालोजी सकपाल महू…

आज से आपके जेब में कैश का झंझट समाप्त e-Rupee लॉन्च: अशोक चौधरी

Spread the love

Spread the love आज से आपकी जेब में Digital Rupee! कैश का झंझट खत्म.   आम आदमी के लिए डिजिटल ई-रुपया आज से, जानें यह कैसे काम करेगा, क्या हैं इसके फायदे? खुदरा डिजिटल रुपये के पहले पायलट प्रोजेक्ट में सरकारी और निजी क्षेत्र के चार बैंक एसबीआई, आईसीआईसीआई, यस बैंक एवं आईडीएफसी फर्स्ट शामिल…

असम में कभी मुस्लिम राज क्यों नहीं आया ?

Spread the love

Spread the love जब ब्रह्मपुत्र का पानी मुगलों के खून से लाल हो गया था असम में कभी मुस्लिम राज क्यों नहीं आया ? लाचित बरफुकन के वीरता की कहानी 24 नवंबर को असम के महान सेनानायक लचित बोरफुकान की 400वीं जयंती थी इस मौके पर दिल्ली के विज्ञान भवन में 3 दिन का एक…

इस्लामिक रक्तबीज को कैसे रोकेंगे ऋषि सुनक

Spread the love

Spread the love*इस्लामिक रक्तबीज को कैसे रोकेंगे ऋषि सुनक* *ऋषि सुनक तो पॉलिटिक्स चेंजर हैं* ================= *ऋषि सुनक का ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचना एक इतिहास को बदलना ही नहीं बल्कि एक राजनीतिक चमत्कार जैसा भी है। निसंदेह तौर पर ऋषि सुनक पॉलिटिक्स चेंजर बन गए हैं ।* ठीक उसी प्रकार, जिस प्रकार से…

सुखद वैवाहिक जीवन का मंत्र: सीमा प्रियदर्शिनी

Spread the love

Spread the love सुखी वैवाहिक जीवन के लिए शादी की उम्र क्या हो एक विचारणीय प्रश्न  बडी उम्र की कुँवारी लड़कियाँ घर बैठी हैं । ,,,,, अगर अभी भी माँ-बाप नहीं जागे तो स्थितियाँ और विस्फोटक हो सकती हैं। हमारा समाज आज बच्चों के विवाह को लेकर इतना सजग हो गया है कि आपस में…