वैश्य सुरक्षा आयोग के गठन हेतु प्रस्ताव

हमारे समाज और राष्ट्र की आर्थिक प्रगति में व्यापार एवं उद्यमिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में वैश्य समाज का योगदान सदियों से रहा है, किंतु वर्तमान में सुरक्षा, संरक्षण एवं संसाधनों के अभाव में यह समाज अपनी पूर्ण क्षमता का दोहन नहीं कर पा रहा है। अतः, वैश्य समाज को एक सशक्त, सुरक्षित एवं समर्थ वातावरण प्रदान करने के लिए “वैश्य सुरक्षा आयोग” के गठन की आवश्यकता है।

वैश्य सुरक्षा आयोग के गठन का उद्देश्य

  1. सुरक्षा एवं संरक्षण: वैश्य समाज के व्यापारियों, उद्यमियों एवं परिवारों को अपराध, शोषण, जबरन वसूली एवं अत्याचार से सुरक्षा प्रदान करना।

  2. कानूनी सहायता: वैश्य समाज के सदस्यों को न्यायिक प्रक्रियाओं में त्वरित एवं निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना।

  3. वित्तीय सहायता:

    • व्यापार विस्तार हेतु सरल शर्तों पर ऋण एवं अनुदान की व्यवस्था करना।

    • नवीन उद्यमियों को स्टार्ट-अप फंडिंग एवं सब्सिडी प्रदान करना।

  4. शिक्षा एवं कौशल विकास:

    • वैश्य समाज के युवाओं के लिए विशेष छात्रवृत्तियाँ एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।

    • व्यापार प्रबंधन, डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय साक्षरता आदि पर विशेष प्रशिक्षण देना।

  5. रोजगार सृजन:

    • स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकारी एवं निजी क्षेत्र के साथ सहयोग करना।

    • वैश्य युवाओं के लिए रोजगार मेलों एवं प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन करना।

  6. सामाजिक सशक्तिकरण:

    • वैश्य समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने हेतु संगोष्ठियाँ एवं जागरूकता अभियान चलाना।

    • महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएँ लागू करना।

  7. सरकारी योजनाओं तक पहुँच:

    • वैश्य समाज को सरकारी योजनाओं (जैसे PMEGP, MUDRA, GST सब्सिडी) से जोड़ने हेतु विशेष जागरूकता शिविर आयोजित करना।

  8. डिजिटल सशक्तिकरण:

    • ई-कॉमर्स, डिजिटल भुगतान एवं ऑनलाइन व्यापार में प्रशिक्षण देना।

    • साइबर धोखाधड़ी से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाना।

  9. स्वास्थ्य एवं कल्याण:

    • वैश्य परिवारों के लिए सस्ती स्वास्थ्य बीमा योजनाएँ लागू करना।

    • व्यापारियों के लिए तनाव प्रबंधन एवं स्वास्थ्य कार्यशालाएँ आयोजित करना।

  10. संघर्ष समाधान:

  • व्यापारिक विवादों के शीघ्र निपटारे हेतु मध्यस्थता केंद्र स्थापित करना।

आयोग के गठन से प्रत्याशित लाभ

✅ वैश्य समाज का आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिससे राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
✅ व्यापारिक अपराधों में कमी आएगी एवं निवेश का माहौल सुधरेगा।
✅ वैश्य युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
✅ समाज में एकता, सहयोग एवं आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी।

निवेदन

हम भारत सरकार एवं समस्त राज्य सरकारों से विनम्र निवेदन करते हैं कि “वैश्य सुरक्षा आयोग” के गठन हेतु शीघ्र कार्यवाही करें, ताकि वैश्य समाज अपनी पूर्ण क्षमता के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सके।

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