कहानी “निवाला”
Spread the loveनिवाला बड़ी बेचैनी से रात कटी।बमुश्किल सुबह एक रोटी खाकर, घर से अपने शोरूम के लिए निकला।आज किसी के पेट पर पहली बार लात मारने जा रहा हूँ।ये बात अंदर ही अंदर कचोट रही है।ज़िंदगी में यही फ़लसफ़ा रहा मेरा कि, अपने आस पास किसी को, रोटी के लिए तरसना ना पड़े,पर इस…









