नयका पाहून
तब ससुराल में नयका पाहून पहले के जमाने में दामाद की पूंछ परख और स्वागत का तरीका भी अलग ही ढंग का होता था।जब कभी, पूर्व सूचना पर आगमन होता तो क्या कहने।एक दो आदमी स्टेशन आते, एक सूटकेस थामता, पहले से तय किये रिक्शे में दामाद को बीचो बीच सैट कर, यात्रा का हालचाल…







